मसूरी। शासन द्वारा रोहिताश शर्मा को मसूरी नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी का प्रभार दिए जाने का पुरजोर विरोध शुरू हो गया है। शासन के इस निर्णय के खिलाफ होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ एवं मजदूर संघ मुखर हो गये हैं। मजदूर संगठनों ने रोहिताश शर्मा को मसूरी पालिका में अधिशासी अधिकारी का प्रभार दिए जाने के खिलाफ मुख्यमंत्री के नाम उपजिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित किया व मांग की है कि यदि तत्काल शासन ने आदेश वाओस नही लिया, तो रोहिताश शर्मा के साथ ही सरकार के खिलाफ मसूरी वासियों के साथ मिलकर सडकों पर उतर कर जन आन्दोलन किया जाएगा। उधर पालिका सभासदों ने भी मुख्य सचिव व सचिव शहरी विकास को ज्ञापन प्रेषित कर रोहिताश शर्मा को मसूरी पालिका का प्रभार देने के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया व अनशन करने की चेतावनी दी है


सोमवार को होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ एवं मजदूर संघ ने रोहिताश शर्मा को मसूरी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का प्रभार दिए जाने के शासन के निर्णय के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित कर कहा है कि शासन ने 12 जुलाई 2019 को रोहिताश शर्मा को मसूरी नगर पालिका का अतिरिक्त कार्यभार देने के आदेश दिए हैं, जिसका यूनियन व मजदूर संघ कड़ा विरोध करता है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका परिषद मसूरी में अधिशासी अधिकारी में पद पर रहते हुए रोहिताश शर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। साथ ही उन पर पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार से संबंधित कई महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेख गायब करने, नगर पालिका मसूरी के दो दो वाहनों की चोरी करवाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मजदूर संगठनों ने कहा है कि उनके खिलाफ इन आरोपों को लेकर सीबीआई जांच गतिमान हैं। ऐसे में उनको अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी देने से जांच प्रभावित होनी निश्चित है। कहा कि रोहिताश शर्मा पर नैनीताल नगर पालिका में बडे पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगे हैं तथा उनके खिलाफ वहां के पालिका सभासदों सहित जनता के विरोध प्रदर्शन के चलते वहां से हटाकर मसूरी पालिका के अधिशासी अधिकार का अतिरिक्त प्रभार दिया जाना मसूरी की जनता के साथ अन्याय व शासन द्वारा किया गया भेदभाव पूर्ण रवैया है। 

इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सोबन सिंह पंवार व मजदूर संघ के मंत्री गम्भीर सिंह पंवार ने कहा है कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टोलरेंस की बात करती है, लेकिन जिस अधिकारी पर मसूरी नगर पालिका में पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप हैं, उसी को फिर से चोर को चौकीदारी की कहावत चरितार्थ करते हुए अधीशासी अधिकारी का प्रभार दिया जाना सरकार की जीरो टोलरेंस की मंशा पर सवाल खड़े करता है उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने मांग की है कि रोहिताश शर्मा को मसूरी नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के दिए अतिरिक्त प्रभार वाले आदेश को तत्काल वापस लिया जाय। साथ ही चेताते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह में संबंधित आदेश को निरस्त नही किया जाता, तो होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी यूनियन, मजदूर संघ मसूरी के निवासियों के साथ मिलकर सडको पर विरोध प्रदर्शन करेंगे व अनशन करने को बाध्य होना पडे़गा। 

ज्ञापन देने वालों में होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष सोबन सिंह पंवार, महासचिव विक्रम बलुड़ी, दून स्कूल कर्मचारी पंचायत यूनियन के अध्यक्ष बैशाख सिंह मिश्रवाण, मजदूर संघ के मंत्री गंभीर सिंह पंवार, पूर्व प्रधान वीरेंद्र डुंगरियाल, महिपाल सिहं पंवार, रणजीत सिंह चौहान, नरेश पयाल आदि थे।


उधर नगर पालिका के सभासदों सुरेश थपलियाल, सरिता आर्य, प्रताप पंवार, जशोदा शर्मा, दर्शन सिंह रावत, सरिता पंवार, नन्दलाल सोनकर ने भी मुख्य सचिव व सचिव शहरी विकास को ज्ञापन भेजकर कहा है कि रोहिताश शर्मा के खिलाफ मसूरी नगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच अभी भी जारी है और ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को पदोन्नत कर फिर से मसूरी नगर पालिका में भेजना सरकार की जीरो टोलरेंस पर करार झटका है। कहा कि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा इनकी तैनाती के दौरान वहां किये गये भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है, जो रोहिताश शर्मा के आचरण को दर्शाता है। सभासदों ने कहा है कि उक्त भ्रष्ट अधिकारी की तैनाती मसूरी नगर पालिका में कदापि बर्दाश्त नही की जायेगी। मांग की है कि तत्काल प्रभाव से शहरी विकास अनुभाग के उक्त से सम्बंधित 12 जुलाई के आदेश को निरस्त करें, अन्यथा सभासदगण एक सप्ताह बाद धरना प्रदर्शन के साथ ही अधिकारी के कार्यालय के बाहर अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। 
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