नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट में वरिष्ठता के लिए 18 अधिवक्ताओं ने आवेदन किया था, जिसमे से छह अधिवक्ताओं को सीनियर दर्जा मिल गया है। रजिस्ट्रार जनरल हीरा सिंह बोनाल ने शुक्रवार शाम इसकी अधिसूचना जारी कर दी। 

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के अनुसार दिसंबर से यह प्रक्रिया शुरू हुई। इसके तहत न्यूनतम दस साल से हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं से आवेदन मांगे गए थे। आवेदन के साथ वकालत के दौरान के मामलों से संबंधित ब्यौरा देना था। इसमें कुल लड़े मुकदमे, पंजीकृत मुकदमे, आय, गरीब वादकारी के लड़े मुकदमे आदि ब्यौरा प्रमुख था। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले कोलेजियम में दो सीनियर न्यायाधीश, महाधिवक्ता व सीनियर अधिवक्ता शामिल थे। 
कोलेजियम की संस्तुति के बाद गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली फुल कोर्ट ने सूची को अंतिम रूप दिया। इसके अनुसार पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता केपी उपाध्याय, भारत सरकार के असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, महावीर त्यागी, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डीएस पाटनी, हाईकोर्ट में राज्य सरकार के शासकीय अधिवक्ता गजेंद्र सिंह संधू तथा एसके पोस्ती शामिल हैं। 

असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल थपलियाल मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के हैं। वह पूर्व में एडिशनल एडवोकेट जनरल भी रह चुके हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट में 1989 से प्रैक्टिस करते थे। राज्य बनने के बाद नैनीताल हाईकोर्ट आ गए, जबकि पूर्व सीएससी उपाध्याय गंगोलीहाट जिला पिथौरागढ़ के निवासी हैं। वह 25 साल से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट से प्रैक्टिस शुरू की। 

नवनियुक्त सीनियर अधिवक्ताओं को महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, मुख्य स्थायी अधिवक्ता परेश त्रिपाठी, अधिवक्ता ललित शर्मा, संजय भट्ट, विनोद तिवारी, कमलेश तिवारी, भुवनेश जोशी समेत अन्य अधिवक्ताओं ने बधाई दी है।
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