पत्रकार वार्ता करते उत्तराखंड व मसूरी होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी 
मसूरी। उत्तराखंड होटल एसोसिएशन एवं मसूरी होटल एसोसिएशन ने यहाँ एक संयुक्त प्रेसवार्ता कर कहा कि जून के प्रथम सप्ताह तक सीजन पिछले वर्षों के मुकाबले अच्छा चल रहा था, लेकिन उसके बाद अचानक मसूरी व नैनीताल सहित अन्य पर्यटक स्थलों में सीजन जिस तरह से प्रभावित हुआ है, उस पर मंथन की आवश्यकता है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि सड़के ठीक नही होने व पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था न होने से पर्यटकों को जगह जगह जाम के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। जिसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यवसायियों के साथ ही सरकार को जीएसटी पर पड़ा है।

शनिवार को कुलड़ी स्थित एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने कहा कि ईद के बाद भारी संख्या में आये पर्यटकों के कारण मसूरी व नैनीताल में भारी जाम लगने से इसका सन्देश देश भर में मीडिया, सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से नकारात्मक गया। उन्होंने बताया कि अलग अलग जगहों से मिले आंकड़ों के मुताबिक पर्यटन सीजन में लगभग 20 फीसदी बुकिंगें रद्द होने से बड़े पैमाने पर आर्थिक हानि हुई है और जीएसटी में अनुमानतः 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। साहनी ने कहा कि इसके बावजूद भी हम सब अभी भी नही संभले, तो मसूरी व नैनीताल के होटल व्यवसायियों व अन्य के व्यापार पर बुरा प्रभाव पडे़गा और उन्हें यहाँ से पलायन करने के लिए भी मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन की नीतियों के विरोध में नैनीताल होटल एसोसिएशन के ब्‍लैक आउट का भी समर्थन किया उन्होंने कहा कि यह सब करना व्यापारियों का काम नही लेकिन व्यवसाई इस कदर विवश हो गये हैं

साहनी ने कहा कि इस दिशा में सभी उत्तराखंड वासियों के साथ ही सरकार को भी सोचना होगा, कि अगर उत्तराखंड को पर्यटन प्रदेश बनाना है तो सभी को गंभीर मंथन करना होगा। उन्होंने कहा कि जल्दी ही उत्तराखंड होटल एसोसिएशन पर्यटन सचिव से मुलाकत करेगी और सरकार से एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाने का आग्रह करेगी, ताकि पर्यटन से जुड़े सभी मसलों पर विस्तार से चर्चा व मंथन किया जा सके व उसका समाधान निकाला जा सके।

उन्होंने कहा कि हमें यह सोचना होगा कि हमे किस तरह का पर्यटन चाहिए। दिल्ली से उत्तराखंड की गढ़वाल व कुमांऊ मंडल की सभी सड़के खराब हैं, जिसके कारण जाम लगता है। जाम लगने से उत्तराखंड से बाहर गलत सन्देश जाने से पर्यटन सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ और खामियाजा व्यापारियों व उत्तराखंड वासियों को भुगतना पड़ा। यहाँ तक कि प्रशासन द्वारा पर्यटकों को नैनीताल व मुक्तेश्वर जाने से रोकने पर व्यापारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।

साहनी ने कहा कि प्रदेश में पहले से बनी दो हाईपावर कमेटी का जिक्र करते हुए कहा कि इन कमेटियों में एक के अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री व दूसरे के अध्यक्ष मुख्य सचिव थे। किन्तु वर्तमान हालत से लगता है कि ये कमेटियां निष्क्रिय हैं, जिन्हें जीवंत करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए अलग से टूरिज्म प्लान की आवश्यकता है। उन्होंने मसूरी व नैनीताल को भी चारधाम आल वेदर रोड से जोडे जाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में उत्तराखंड होटल एसोसिएशन द्वारा देहरादून में बैठक बुलाई गई है,जिसमे मंथन के बाद मुख्यमंत्री से भेंट की जायेगी। ताकि उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों को लेकर अच्छा सन्देश जाए, और आगामी अक्टूबर माह के सीजन पर बुरा असर न पड़े।

इस अवसर पर उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्ता, मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष आरएन माथुर, महासचिव संजय अग्रवाल, शैलेंद्र कर्णवाल, विनेश सिंघल, अनमोल जैन, राजकुमार, हर्षदा वोहरा आदि मौजूद रहे।
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