फाइल फोटो- चौधरी वीरेंद्र सिंह, केन्द्रीय इस्पात मंत्री  
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा हरियाणा की दो सीटों रोहतक से अरविंद शर्मा और हिसार से मोदी सरकार में मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे ब्रिजेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है. जिसके बाद वीरेन्द्र सिंह ने बड़ा कदम उठाते हुए बेटे को टिकट दिए जाने व परिवारवाद के खिलाफ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से राज्यसभा और मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की है.

दरअसल चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह एक आईएएस अधिकारी हैं और इस समय HAFED के एमडी हैं. भारतीय जनता पार्टी ने बृजेंद्र सिंह को हिसार संसदीय क्षेत्र से टिकट दिया है, यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार दीपेंद्र सिंह हुड्डा से होगा. माना जा रहा है कि चौधरी बीरेंद्र सिंह परिवारवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने अपने इस्तीफे की पेशकश की है. 

मोदी सरकार के मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा, 'वे चुनाव में वंशवाद के खिलाफ हैं, इसलिए मैंने उचित समझा कि अगर मेरे बेटे को टिकट मिलता है तो मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए. इसी वजह से मैंने अमित शाह जी को लिखा है कि मैं इसे पार्टी पर छोड़ता हूं, इसके बावजूद मैं इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं.'

बता दें कि चौधरी बीरेंद्र सिंह (Chaudhary Birendra Singh) अभी मोदी सरकार में केंद्रीय इस्पात मंत्री और बीजेपी के राज्यसभा सदस्य हैं. हरियाणा (Haryana) के कद्दावर जाट नेताओं में चौधरी बीरेंद्र सिंह की गिनती होती है. वो 5 बार विधायक और तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं. साल 1984 में वो हिसार संसदीय सीट से लोकसभा पहुंचे. उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला को हराया था. इसके बाद 2010 में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद चुने गए, लेकिन पिछले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले उन्होंने कांग्रेस का दामन छोड़ दिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे.
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