नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के करीबी सहयोगियों और अन्य के खिलाफ दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 52 ठिकानों पर रविवार तड़के आयकर विभाग ने छापेमारी की, जो सोमवार तक चली. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 28 घंटे तक ज्यादा उनकी संपत्ति और कागजात की छानबीन की. इस कार्रवाई में आयकर विभाग ने 281 करोड़ की बेहिसाब नकदी पकड़ी है.

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स(सीबीडीटी) के अनुसार, मध्य प्रदेश में दिल्ली आयकर निदेशालय द्वारा की गई खोजों से पता चला है कि व्यवसाय, राजनीति और सार्वजनिक सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न व्यक्तियों के माध्यम से लगभग 281 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी एकत्र की गई है.'

इसके साथ ही सीबीडीटी ने बताया, 'नकदी का एक हिस्सा दिल्ली के एक प्रमुख राजनीतिक दल के मुख्यालय को भी हस्तांतरित किया गया, जिसमें लगभग 20 करोड़ रुपये शामिल थे, जो हाल ही में हवाला के माध्यम से राजनीतिक पार्टी के मुख्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी के आवास से स्थानांतरित किया गया था.

सीबीडीटी ने आगे बताया कि 14.6 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, 252 शराब की बोतले, कुछ हथियार और बाघ की खाल मिली. वरिष्ठ पदाधिकारी के करीबी रिश्तेदार के समूह में दिल्ली में तलाशी के दौरान 230 करोड़ रुपये का बेहिसाब लेनदेन दर्ज किया गया.

इसके आगे सीबीडीटी ने बताया कि कैश बुक के अलावा 230 करोड़ का बेहिसाब लेनदेन, 242 करोड़ रुपए से अधिक की फर्जी बिलों के जरिए हेरफेर और टैक्स हैवेन कहे जाने वाले देशों में 80 कंपनियों की मौजूदगी के सबूत भी मिले हैं.

बता दें कि आयकर विभाग ने भोपाल, दिल्ली के अलावा इंदौर, गोवा में भी छापेमारी की.इसमें 500 अफसर शामिल थे. जिन लोगों पर छापेमारी की गई, उनमें कमलनाथ के पूर्व ओएसडी प्रवीण कक्कड़, पूर्व सलाहकार राजेंद्र मिगलानी और उनके रिश्तेदार की कंपनी मोजर बेयर तथा उनके भांजे रातुल पुरी की कंपनी से जुड़े अधिकारी शामिल हैं.
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