मसूरी: मसूरी नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद पर इस बार बीजेपी प्रत्याशी ओपी उनियाल, कांग्रेस के युवा प्रत्याशी मेघ सिंह कंडारी व निर्दलीय युवा प्रत्याशी अनुज गुप्ता के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. इससे एक बार फिर से मोमबत्ती के इतिहास दोहराने की प्रबल संभावना बनी हुयी है. दरअसल इस बार निर्दलीय उम्मीदवार अनुज गुप्ता मजबूत उपस्थिति के साथ राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर देते दिख रहे हैं. ख़ास बात यह है कि उनके चुनाव निशान मोमबत्ती का नगर पालिका चुनावों में पूर्व में जो इतिहास रहा है, उसके मुताबिक़ एक बार मोमबत्ती चुनाव निशान वाले प्रत्याशी ने जीत हासिल की है, जबकि एक से अधिक बार राष्ट्रीय दलों का खेल बिगाड़ा है.

चुनाव निशान मोमबत्ती के इतिहास पर नजर दौडाई जाय, तो सबसे पहले 2003 का नगर पालिका चुनाव याद आता है, जिसमें निवर्तमान पालिका अध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल को कांग्रेस से टिकट नही मिलने पर वे निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद पड़े और मोमबत्ती चुनाव निशान के साथ जीत दर्ज कर नगर पालिका मसूरी के अध्यक्ष पद पर कब्ज़ा किया था. उसके बाद 2008 के नगर पालिका चुनाव में भी मोमबत्ती चुनाव निशान के साथ कांग्रेस पृष्ठभूमि के जीवन चौहान निर्दलीय मैदान में उतरे, और इस बार मोमबत्ती ने कांग्रेस प्रत्याशी मनमोहन सिंह मल्ल की जीत की राह में रोड़ा अटका दिया और भाजपा के ओपी उनियाल ने जीत हासिल की. 2012 के चुनाव में कांग्रेस के बागी मेघ सिंह कंडारी मोमबत्ती चुनाव निशान के साथ चुनाव मैदान में उतरे, तो वे भी 2200 से उपर वोट प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे. और इस बार भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा. अब एक बार फिर कांग्रेस से ही अलग राह पकड़कर मोमबत्ती चुनाव निशान के साथ बतौर निर्दलीय उम्मीदवार अनुज गुप्ता राष्ट्रीय दलों को कड़ी टक्कर देते दिखाई दे रहे हैं. इधर वार्डों में भी मोमबत्ती चुनाव निशान के साथ सभासद का चुनाव लड़ रहे कई उम्मीदवार भी राष्ट्रीय दलों का खेल बिगाड़ रहे हैं. ऐसे में चर्चा है कि क्या मोमबत्ती एक बार फिर से इतिहास दोहराएगी या फिर भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशी बाजी मारेंगे. इसके साथ ही मसूरी नगर पालिका का एक और इतिहास यह भी रहा है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल(भाजपा) के कार्यकाल को छोड़ दिया जाय, तो अधिकांशतः मसूरी नगरपालिका में कांग्रेस या उसकी पृष्ठभूमि के प्रतिनिधियों का राज रहा है. 

हालाँकि अध्यक्ष पद के भाजपा प्रत्याशी ओपी उनियाल और कांग्रेस के युवा प्रत्याशी मेघ सिंह कंडारी अपनी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं. भाजपा प्रत्याशी ओपी उनियाल जहाँ मजबूती के साथ एक बार फिर मसूरी नगर पालिका में कमल खिलाने को बेताब हैं. वहीँ कांग्रेस प्रत्याशी मेघ सिंह कंडारी, कांग्रेस के इतिहास को बरकरार रखने को लालायित हैं. दूसरी ओर राष्ट्रीय दलों को चुनौती दे रहे निर्दलीय उम्मीदवार अनुज गुप्ता भी मोमबत्ती के इतिहास को दोहराने को लेकर आश्वस्त हैं. वहीं निर्दलीय प्रत्याशी बिल्लू बाल्मीकि, पूरण रौछेला व आप पार्टी के प्रत्याशी सुमित भी अपनी जीत का दम्भ भर रहे हैं.

बहरहाल ये तो 20 नवम्बर को मतपेटी खुलने पर ही पता चलेगा कि कि ऊंट किस करवट बैठता है और जनता फिर मोमबत्ती चुनाव निशान के इतिहास दोहराएगी या फिर हाथ या कमल पर भरोसा करेगी.


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