मसूरी। नगर निकाय चुनावों की घोषणा होते ही नगर पालिका सहित सरकारी कार्यालयों में अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए चुनाव लड़ने वालों की भीड़ लगी है। वहीं कई चुनाव बाजों की एनओसी लेने में अधिकारियों से बहस भी हो रही है। वहीँ कई ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण व कब्ज़ा किया हुआ है और वे भी एनओसी के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

नगर निकाय चुनावों की घोषणा के बाद से मसूरी में भी चुनाव लड़ने वालों की लंबी कतारें पालिका, जल संस्थान, विद्युत विभाग, कोतवाली व कचहरी में लगी हैं। किसी को विभागों से सरकारी देय की एनओसी चाहिए तथा किसी को करेक्टर सर्टिफिकेट चाहिए जिसको लेकर मारामारी मची है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नेता महिला हो या पुरूषों की विभागों के चक्कर काटने में लगे हैं। वहीं चुनाव लड़ने के इच्छुक ऐसे भी कई पूर्व सभासद व नए चेहरे हैं, जो सरकारी भूमि, भवन पर अतिक्रमण या कब्ज़ा किये हुए हैं। उनके द्वारा भी मसूरी नगर पालिका परिषद के चुनाव को लेकर अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया है। सूत्रों के अनुसार ऐसे कब्जेधारी व अतिक्रमणकारियों द्वारा धोखे से भी विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल किये जा रहे हैं, जबकि शासनादेश के अनुसार स्पष्ट है कि किसी भी व्यक्ति या उसके परिवार के सदस्य द्वारा यदि नगर पालिका के स्वामित्व वाली भूमि या भवन, सड़क, आदि  पर अतिक्रमण व कब्जा किया गया है तो वह नगर पालिका अधिनियम का उलंघन करने का दोषी होगा और वह नगर निकाय चुनाव नहीं लड़ सकेगा।

इस सम्बन्ध में पालिका के अधिशासी अधिकारी एम् एल शाह ने साफ़ किया कि यदि अनापत्ति के लिए आवेदन करने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा पालिका स्वामित्व वाली किसी भी भूमि या भवन पर कब्ज़ा या अतिक्रमण किया गया होगा, तो उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र नही दिया जाएगा। उन्होंने कहा शासनादेश व नियम कानूनों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा और इसमें किसी प्रकार से शिथिलता नही बरती जा रही है।

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