पुष्कर नेगी, संवाददाता, चमोली ।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देती छात्राएं 
बेनिताल में वर्ष 1993 में उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर 38 दिनों तक भूख हड़ताल करने व सेना की नौकरी छोड़ने वाले पौड़ी जिले के बठोली गांव के शहीद बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी की स्मृति में एकदिवसीय मेले का हुआ आयोजन किया गया। इस मौके पर शहीद बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी को श्रद्धांजली दी गयी, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

राज्य की मांग को लेकर प्राणों की आहूति देने वाले बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया। मेले में महिला मंगल दलों व छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। मेला समिति अध्यक्ष मदन सिंह ने बताया कि प्रतिवर्ष लगने वाले इस मेले के आयोजन के लिए सरकार द्वारा सहयोग किया जाना चाहिए, ताकि मेले को भव्य रूप दिया जा सके। 

मेले में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ.एपी मैखुरी, एसडीएम कर्णप्रयाग जीआर बिनवाल, आरके राकेश पल्लव, समिति अध्यक्ष मगन सिंह, बिरेन्द्र सिंह मिंगवाल, पूर्व नगर पालिका गौचर अध्यक्ष मुकेश नेगी, गौतम मिंगवाल आदि मौजूद रहे।

आज भी अधुरा है बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी का सपना 
उत्तराखण्ड राज्य बने भले ही दो दशक हो गये हो, किन्‍तु राज्य आन्दोलनकारियो की राज्य को लेकर जो कल्पना थी, वह कही भी पूरी होती नही दिखाई दे रही है। बलिदानो के बाद 9 नवम्बर 2000 को उत्तराखंड देश के मानचित्र पर उभरकर आया। इस राज्य की स्थाई राजधानी गैरसैण बने,स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार की नीति बने और रोजी रोटी के सपनो की मांग को लेकर पौडी जिले के ऎकेश्वर ब्लाक निवासी और उत्तराखंड के सेना की नौकरी छोड़ने वाले सैनिक मोहन सिह ने 13 बार आमरण अनशन किया। उनका आखिरी आमरण अनशन 37 दिनो तक चला। इस दौरान प्रशासन ने उन्हें वहाँ से उठा दिया। अस्पताल मे 38 वे दिन उनके शहीद होने की खबर देश भर मे फैल गयी। नौ अगस्त को यहां तेज आंदोलन हुआ और कई दिनों तक गैरसैंण, बेनीताल और बाबा की शहादत पर आंदोलन होते रहे, लेकिन बाबा की मांग सरकार की फाइलों से बाहर नहीं निकली। जिस गुफा पर वे अनशन पर बैठे रहे, वहाँ के क्षेत्रवासियों की ओर से उनकी स्मृति मे यहाँ मेले का आयोजन किया जाता है। यह स्थान चमोली जनपद के आदिबद्री, शिमली के निकट पर स्थित है। इस अवसर पर विधायक, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड 24 न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे! लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे यू-ट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें |
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours