ऋषिकेश/कोटद्वार: हमीर तेरा ये बलिदान याद रखेगा ये हिंदुस्तान...के नारों के साथ तीर्थनगरी में शहीद हमीर पोखरियाल की अंतिम यात्रा में जन सैलाब उमड पड़ा। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हर किसी की आँखे नम थीं। तीर्थनगरी के लोगों ने जगह जगह से पहुंचकर और पुष्प वर्षा कर उत्तराखंड के सपूत को अंतिम विदाई दी। उधर शहीद हुए कोटद्वार के लाल मंदीप का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन होने के लिए निकल गया है। शहीद मनदीप की अंतिम यात्रा में भी सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें नम आखों से विदाई दी। 

गुमानीवाला गांव से लोग पैदल ही 6 किलोमीटर दूर पूर्णानंद घाट पर पहुंचे, जहाँ सैन्य सम्मान के साथ शहीद का पार्थिव शरीर पंचत्व में विलीन हुआ। श्यामपुर भल्लाफार्म स्थित शहीद के घर से जब तिरंगे में लिपटे शव को ले जाया जा रहा था, तो वहां हर किसी की आंखे नम थीं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के अलावा भाजपा कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के लोग यात्रा में शामिल हुए। शहीद के सम्मान में व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखें और पूरे मार्ग में शहीद के शव पर पुष्प वर्षा की गई। वहीँ शहीद की पत्नी चीत्कार मार कर रोते हुए यही कह रही थी मुझे बीच में छोड़कर तुम कहां चल दिए। वही अपने चाचा की गोद में ढाई वर्षीय मासूम शहीद पिता के शव को देखकर गुमशुम था। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है। शहीद की माँ का भी अपने सामने लाल की लाश देखकर कलेजा फटा जा रहा था, वह भी चीत्कार मर कर रो रही थी। सैनिक पिता जयेंद्र पोखरियाल सबका धैर्य बढ़ा रहे थे। इस दौरान व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रख कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। भीड़ में शामिल लोग भारत माता की जय जब तक सूरज चांद रहेगा हमीर तेरा नाम रहेगा के नारे लगाते रहे। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुयी। 

उधर जब तक सूरज चाँद रहेगा, मंदीप तेरा नाम रहेगा नारों के साथ शहीद हुए कोटद्वार के लाल मंदीप का पार्थिव शरीर भी पंचतत्व में विलीन होने के लिए निकला तो उनकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पहुंचकर उन्हें नम आखों से विदाई दी। शहीद की अंतिम यात्रा में बच्चें बूढे जवानों के साथ ही महिलाये शामिल हुयी। सेना की सजी गाड़ी में तिरंगे से लपटे हुए मंदीप के अंतिम दर्शनों को पाने के लिए लोगों में होड़ मची रही। हर तरफ भारत माता के जयकारे की गूंज थी तो लोगों ने आक्रोश में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाये।  मंदीप का पार्थिव शरीर बुधवार देर सांय भारतीय सैना के कौड़िया कैम्प कोटद्वार लाया गया। जहां शहीद के अन्तिम दर्षनों व श्रद्धांजलि पुष्पांजलि के लिए पार्थिव शरीर को रखा गया। गुरूवार सुबह पार्थिव शरीर को उनके घर लाया गया। जहां से उनकी अंतिम यात्रा मुक्ति धाम घाट के लिए रवाना हुई। जिस राह से शहीद का पार्थिव शरीर निकला, उस राह पर दोनो ओर हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। 

गौरतलब है कि ऋषिकेश के गुमानीवाला निवासी राईफलमैन हमीर पोखरियाल (27) व 15वीं गढ़वाल राईफल्स के जवान कोटद्वार शिवपुर निवासी मंदीप सिंह रावत आतंकियो से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। वर्तमान में दोनों शहीद सपूत 36 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। 

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