गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानाचार्य मनोज रयाल व छात्र-छात्राएं 
मसूरी। महात्मा योगेश्वर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर इंटर कालेज में गुरू पूर्णिमा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य मनोज रयाल ने अपने संबोधन में छात्र-छात्राओं को विस्तारपूर्वक गुरू पूर्णिमा के महत्व को समझाया।

विद्यालय सभागार में आयोजित गुरू पूर्णिमा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य मनोज रयाल ने बताया कि आज के दिन भगवान वेद व्यास ने वेदों की रचना की थी, वहीं 18 पुराणों व उप-पुराणों की रचना की थी। उन्होंने कहा कि समाज में ऋषि मुनियों के द्वारा दिए गये ज्ञान को समाज योग्य बनाया व समाज को व्यवस्थित करने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि पंचम वेद महाभारत की रचना आषाढ़ पूर्णिमा के दिन पूर्ण की थी। तथा विश्व का प्रसिद्ध आर्ष ग्रंथ ब्रहम सूत्र का लेखन कार्य भी आज के दिन प्रारंभ किया गया था। इन सब कार्यों को देखते हुए देवताओं ने वेद व्यास का पूजन किया। 

विदित है कि वेद व्यास ने बद्रीनाथ के समीप माणा गांव की गुफा में रहकर यह महत्वपूर्ण कार्य किया था। तभी से व्यास की पूजा गुरू पूर्णिमा के के रूप में मनाई जाती है। 

इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य परिवार के रमेश डिमरी, शैलेंद्र जोशी, राकेश भटट, दीपेंद्र प्रसाद, प्रदीप कुमार, दीपक बलोनी, राधा बहुगुणा, मंजू बंगवाल, मोनिका नागपाल, रजनी रावत सहित अध्यापक व छात्र-छात्राएं मौजूद रही।

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