हरिद्वार: हमेशा विवादों में रहने वाले हरिद्वार ग्रामीण से भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद के राजस्व कर्मी को रौबदार होकर अभद्रता करने का ऑडियो वायरल हो गया। ऑडियो में विधायक ने पटवारी को मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी चैक बिना उनकी अनुमति के पात्रों को वितरण करने पर जमकर बतमीजी कर रहे है। विधायक ने लेखपाल को यह तक कह दिया कि चैक तेरे बाप ने बनवाए थे क्या?
दरअसल सीएम राहत कोष से 23 चैक आए थे, जोकि 5 से 7 हजार रुपये के थे। इन चैकों को गैंडीखाता और लालढांग में संबंधित लोगों को वितरण कर दिया था। विधायक चाहते थे कि ये चेक उनकी मौजूदगी में बांटे जाएं। जबकि विभाग के कर्मचारी को ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला था, लिहाजा उसने अपना काम किया। चेक बाटंने की जानकारी जैसे ही यतीश्वरानन्द को मिली वे आग बबूलाा हो गये और फोन कर पटवारी को गाली गलौज करने लगे। ऑडियो क्लीपिंग में साफ तौर पर सुनाई दे रहा है कि यतीश्वरानन्द किस तरह आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए राजस्व कर्मचारी से बात कर रहे हैं। अब राजस्व कर्मी ने पूरे प्रकरण से एसडीएम को अवगत कराते हुए ऑडियो की रिकार्डिंग उन्हें उपलब्ध करा दी है। इस बीच ऑडियो वायरल हो गया। अब विधायक सफाई दे रहें है कि चैक वितरण के नाम पर लेखपाल गरीब लोगों से पैसे ऐंठता था, इसलिए उन्होंने गुस्से में उसे खरी खोटी सुना दी। वहीं लेखपाल ने लेनदेन संबंधित बातों को खारिज किया और विधायक पर मुकदमा दर्ज कराने को यूनियन और प्रशासन के पाले में बात डाल दी है। 

पटवारी इंद्र विक्रम सिंह रावत ने बताया कि रविवार की दोपहर विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का फोन आया था, बातचीत में उन्होंने मेरे साथ बदतमीजी की, जिसकी रिकार्डिंग एसडीएम को उपलब्ध करा दी थी। अब इस मामले में उन्होंने पटवारी संघ से शिकायत की है। वहीँ जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है। वहीँ चैकों के संदर्भ में रुपये लेने के आरोप को निराधार बताया है।


वहीँ विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने सफाई देते हुए कहा कि राहत सामग्री के चैक मेरे प्रयास से बनवाएं गए, जिन्हें पार्टी के कार्यकर्ता या स्वयं मुझे वितरण करने थे, लेकिन लेखपाल ने हमें सूचना दिए बगैर चैक वितरण कर दिए। चैकों के बदले में रुपये लेने कही शिकायत पर मैंने लेखपाल को फोन किया। सभी बात फोन पर नहीं होती, उसके झुठलाने पर और गरीब लोगों से उसने चैक के बदले में जो रुपये लिए उस पर मुझे गुस्सा आ गया था। कहा कि बिना रुपये लिए किसी का काम नहीं करता और अधिकारी भी उनके साथ मिले हुए हैं।

बता दें की ये कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी वन विभाग के गेस्ट हाउस में पैसे लेने के बाद विधायक ने कर्मचारी के साथ अभद्रता की थी। मामला सरकार के विधायक से जुड़ा है, लिहाजा इस मामले पर सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा कि पहले ऑडियो की जांच हो जाये उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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