नई दिल्ली: बुधवार को लदन में पीएम नरेंद्र मोदी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान तिरंगा फाड़ने पर भारत ने कड़ी नाराजगी जताई है। वहीँ ब्रिटेन सरकार ने माफ़ी मांगने के साथ ही भारत को इस घटना के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने काभरोसा दिलाया है। 

यह घटना पार्लियामेंट स्क्वायर में उस वक्त हुई जब प्रधानमंत्री द्विपक्षीय वार्ता कर रहे थे और उसके बाद कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग से पहले उन्हें भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करना था। 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'तिरंगा को लेकर जो घटना हुई है उसके लेकर हम काफी दुखी है। ब्रिटेन ने इस घटना को लेकर उच्च स्तर पर माफी मांगी है। अथॉरिटी की तरफ से नोटिस किए जाने के बाद तुरंत तिरंगा को उसकी जगह पर रिप्लेस कर दिया गया है।'

उन्होंने आगे कहा, 'हम कानूनी कार्रवाई समेत उन लोगों पर कड़ा एक्शन चाहते हैं जो इस घटना के लिए ना सिर्फ ग्राउंड में मौजूद थे बल्कि जिनका हाथ इस कृत्य के पीछे भी था।'

भारत के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन करने वाले कैम्पेन ग्रुप सिख फेडरेशन (यूके) ने कहा कि भारत ने इस घटना पर बढ़ा चढ़ा कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

ब्रिटेन के विदेश विभाग ने एक बयान जारी कर कहा, 'लोगों को यह अधिकार है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन करे। लेकिन, एक छोटे से समुदाय की तरफ से पार्लियामेंट स्क्वायर पर जो किया गया उससे हम काफी निराश है और जैसे ही हमें इसका पता चला उच्चायुक्त यशवर्धन कुमार सिन्हा को फौरन इत्तिला किया गया।'

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