देहरादून। फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन खरीदकर फाइनेंस कंपनियों को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले दो आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से खरीदे गए 16 दुपहिया वाहन बरामद कर लिए हैं। फर्जीवाड़ा गैंग मास्टर माइंड अभी फरार है। गैंग का खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।

पकड़ गए आरोपी। 
एसओ क्लेमेंटाउन डीएस नेगी ने बताया कि 15 मार्च को मुथूट कैपिटल फाइनेंस लिमिटेड, गांधी रोड के कर्मचारी बसंत कुमार ने सुभाषनगर, क्लेमेंटाउन में किराए पर रहने वाले कुलवीर राणा और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि कुलवीर और उसके साथियों ने फर्जी दस्तावेज जमा कर ओरियंटल बैंक में खाता खोलने के साथ ही अलग-अलग कंपनियों से फाइनेंस कराकर बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन खरीदे और आरोपियों ने उक्त वाहनों की किश्त भी जमा नहीं की। क्लेमेंटाउन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। एसओ नेगी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर आईएसबीटी फ्लाईओवर के नीचे वाली रोड से बिना नंबर प्लेट लगे स्कूटर चला रहे सवार को पुलिस ने रोका। स्कूटर सवार दोनों आरोपियों ने भागने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उन्हें दोबोच लिया। स्कूटर चालक कुलवीर राणा (32) निवासी मोहिऊद्दीनपुर थाना नकुड़ जिला सहारनपुर (यूपी) और तेजपाल (24) निवासी खुराण थाना सदर कैथल जिला कैथल (हरियाणा), हाल पता अंबर फैक्ट्री सेलाकुई के रूप में हुई। आरोपियों से पुलिस ने पूछताछ कि तो उनका स्कूटर पर हाल में फाइनेंस पर खरीदा हुआ निकला। जिसकी उन्होंने किश्त जमा नहीं की। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सुभाषनगर स्थित कुलवीर के कमरे से और उसके गांव से 15 अन्य ऐसे दुपहिया वाहन बरामद किए जो फर्जी दस्तावेज जमा कर फाइनेंस पर खरीदे गए और बाद में आरोपियों ने उनकी किश्त जमा नहीं की। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह फर्जी दस्तावेजों के जरिए डाउनपेमेंट कर फाइनेंस पर दुपहिया वाहन खरीदते और फिर उन्हें सहारनपुर ले जाकर सस्ते दाम के लालच में लोगों को बेच देते। गिरफ्तार आरोपियों का तीसरा साथी और गैंग का मास्टर माइंड प्रदीप निवासी सहारनपुर फरार है। जिसकी पुलिस ने तलाश शुरू कर दी है।
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