मसूरी विंटर लाईन कार्निवाल के तहत माॅलरोड पर फूड फेस्टीवल के समापन अवसर पर पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि उत्तराखंड के भोजन स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक और पौष्टिक हैं और देशभर में बहुत लोकप्रिय हो रहा है इस अवसर पर सीएम ने फ़ूड फेस्टिवल के प्रतिभागियों को पुरुस्कृत भी कियावहीँ गढवाल के लजीज व्यजनों का स्वाद लेने आये सुप्रसिद्द शेफ संजीव कपूर ने भी सभी पंडालों का निरिक्षण किया और पहाड के व्यजनों का स्वाद चखा



सीएम ने कहा कि गढवाल के भोजन में जो स्वाद है वह अन्यों मे नही है पहाड की वह माटी है जहाॅ पर पौष्टिकता के साथ विटामीन युक्त अनाज पैदा किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिये संजीवनी के बराबर है।  
 


वहीँ मास्टर शेफ संजीव कपूर ने बताया कि पहाड मे उगाये जाने वाले हर अनाज का हमारे स्वास्थ्य से सीधा संबंध एक औषधि के तौर पर है। जिसकी माॅग देश विदेश में दिनो दिन बढती जा रही है। उन्होंने कहा उत्तराखंड के भोजन के जितने भी सीक्रेट हैं, उन्हें प्रचार-प्रसार के द्वारा देश दुनिया तक पहुचने की ज़रूरत है

इससे पूर्व दैनिक कार्यक्रमों में सुबह 10 बजे मालरोड़ पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये,जिसका पर्यटकों ने जमकर लुफ्त उठाया, पर्यटकों ने हिन्दी और गढवाली गानों में जमकर डांस किया।
गढवाल टैरेस पर इतिहासकार गोपाल भाद्वाज द्वारा मसूरी के 200 साल पुराने दुर्लभ चित्रों की प्रर्दशनी लगायी गयी। 11 बजे से लेकर सांय पांच बजे तक लाल टिब्बा स्थित चार दुकान पर लंढौर मेला आयोजित किया गया,जिसमें स्थानीय लोगों के साथ साथ पर्यटकों ने भी जमकर खरीदारी की।
वहीं गढवाल टैरेस पर आईटीबीपी के जवानों ने जुडो कराॅटे के कई करतब दिखाये और लोगों की जमकर वाहवाही लुटी। आईटीबीपी के जवानो द्वारा दिखाये गये जुडो कराटे के करतब देखने के लिये पर्यटकों की भीड जुटी रही हर मोमेंट पर दर्शकों ने भारत माता की जय के गगन भेदी नारों से जवानों का स्वागत किया और शाबासी दी है। वहीं मालरोड़ पर म्यूजिकल इवेंट प्रतियोगिता में विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमें छोटे बच्चों, महिलाओं और युवाओं ने अपने गानों की सुंदर प्रस्तुती पेश की।
6 बजे से लेकर सांय 7 बजे तक संवेदना ग्रुप उतरकाशी ने जागर, बाजूबंद, छोरे, तांदी और रासों नृत्य का शानदार प्रर्दशन कर दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। संवेदना संस्था के कलाकारों ने एक से बढकर एक तांदी और रासों नृत्य की प्रस्तुती देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। कलाकरों द्वारा दर्शकों की फरमाईस पर भी दो तीन बार तांदी नृत्य किया।

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