रुद्रप्रयाग। बालिका इण्टर काॅलेज में बालिका अभिप्रेरणा शिविर में बालिकाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़कर आत्मनिर्भर होने पर जोर दिया गया। शिविर में देश के चर्चित आईएएस अधिकारी मंगेश घिल्डियाल की पत्नी उषा घिल्डियाल ने कहा कि आज बालिकायें हर क्षेत्र में पुरूष प्रदान समाज के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और सफलता के नये-नये कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। हालांकि पहाड़ों में महिलाओं की तस्वीर में खास बदलाव नहीं आया है। 
 
छात्राओं को सम्मानित करती डीएम की पत्नी उषा घिल्डियाल।

यहां आज भी महिलायें अपने अधिकारों को लेकर अधिक सजग नहीं हैं, इसलिए पुरूष प्रदान समाज का नजरिया महिलाओें के प्रति उदासीन है। उन्होंने कहा की इस स्थिति को जैसी पढ़ी लिखी छात्रायें बदल सकती हैं। जिला होमोपैथिक अधिकारी डाॅ. गीता ने अपने जीवने के अनुभव छात्रों के साथ साझा करते हुए कहा कि समाज में बालिकाओं पर हो रहे उत्पीड़न का उन्हें खुलकर विरोध करना चाहिए तभी स्थिति में सुधार हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह भी एक माध्यम वर्गीय परिवार से है और सीमित संसाधनों में सरकारी स्कूलों से शिक्षा ग्रहण करने के बाद आज वह डाक्टर बनी है, इसलिए बालिकाओं को चाहिए कि वह मजबूत हौसलों के साथ पढाई करें और अपना मुकाम हासिल करें, तभी वह आत्मनिर्भर और सशक्त हो सकती हैं। इस मौके पर विद्यालय की प्रधानाचार्य डाॅ ममता नौटियाल ने भी अपने जीवन के अनुभव छात्राओं के साथ बांटे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही आगे आना होगा, जब तक आप खुद को सुरक्षित करने में समर्थ नहीं है, तब तक समाज से महिलाओं उत्पीडन की घटनाएं समाप्त हो पाना मुश्किल है। कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक कुमारी संतोष ने भी छात्राओं को योग के गुर सिखाए और शारीरिक और मानसिक विकास के लिए योग को बेहद जरूरी बताया।
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